Relations (संबंध) – class 12 maths | UP Board

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Relations (संबंध) गणित केवल संख्याओं और सूत्रों का विषय नहीं है, बल्कि यह तर्क, विश्लेषण और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को समझने का एक वैज्ञानिक तरीका है। गणित के हर अध्याय का कोई न कोई व्यावहारिक महत्व अवश्य होता है।

Relations (संबंध) अध्याय गणित का वह आधारभूत स्तंभ है, जो यह समझने में मदद करता है कि दो या अधिक वस्तुओं, संख्याओं या अवधारणाओं के बीच आपसी रिश्ता किस प्रकार स्थापित किया जाता है।

हम प्रतिदिन जीवन में कई प्रकार के संबंधों का अनुभव करते हैं, जैसे:

  • माता–पिता और संतान का संबंध
  • शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध
  • दूरी और समय का संबंध
  • आय और व्यय का संबंध

इसी प्रकार गणित में भी हम संख्याओं और समुच्चयों के बीच संबंध (Relation) बनाते हैं।
gurugyanam.online द्वारा तैयार यह विस्तृत अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों को इस अध्याय को आसान, रोचक और परीक्षा उपयोगी तरीके से समझाने के लिए बनाई गई है।


2️⃣ समुच्चय (Set) की संक्षिप्त पुनरावृत्ति

Relation को समझने से पहले हमें समुच्चय (Set) की मूल अवधारणा समझनी आवश्यक है।

परिभाषा:
सुस्पष्ट वस्तुओं के समूह को समुच्चय कहते हैं।

उदाहरण:
A = {1, 2, 3, 4}
B = {a, b, c}

समुच्चय के प्रत्येक सदस्य को अवयव (Element) कहते हैं।


3️⃣ संबंध (Relation) की परिभाषा

परिभाषा:
यदि A और B दो समुच्चय हों, तो A के अवयवों और B के अवयवों के बीच बने क्रमबद्ध युग्मों (Ordered Pairs) के किसी भी उपसमुच्चय को संबंध (Relation) कहते हैं।

गणितीय रूप में:
यदि (a, b) ∈ A × B, तो इन क्रमबद्ध युग्मों के किसी भी उपसमुच्चय को Relation कहा जाता है।


उदाहरण 1:

मान लीजिए:
A = {1, 2, 3}
B = {4, 5, 6}

तो
A × B = {(1,4), (1,5), (1,6), (2,4), (2,5), (2,6), (3,4), (3,5), (3,6)}

यदि
R = {(1,4), (2,5), (3,6)}

तो R एक संबंध है।


4️⃣ क्रमबद्ध युग्म (Ordered Pair)

परिभाषा:
दो संख्याओं (a, b) को एक निश्चित क्रम में लिखने पर उसे क्रमबद्ध युग्म कहते हैं।

ध्यान रखें:
(a, b) ≠ (b, a)


5️⃣ कार्तीय गुणन (Cartesian Product)

यदि A और B दो समुच्चय हों, तो
A × B = {(a, b) | a A, b B}


उदाहरण:

A = {1, 2}
B = {3, 4}

तो
A × B = {(1,3), (1,4), (2,3), (2,4)}


6️⃣ संबंध के निरूपण की विधियाँ (Representation of Relations)

1. रोस्टर विधि

2. सेट बिल्डर विधि

3. एरो आरेख

4. ग्राफ द्वारा निरूपण


7️⃣ संबंध के प्रकार (Types of Relations)

UP Board कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में निम्नलिखित संबंध प्रमुख रूप से पढ़ाए जाते हैं:

  1. रिक्त संबंध (Empty Relation)
  2. सार्वभौमिक संबंध (Universal Relation)
  3. पहचान संबंध (Identity Relation)
  4. प्रतिलोम संबंध (Inverse Relation)
  5. परावर्ती संबंध (Reflexive Relation)
  6. अप्रतिवर्ती संबंध (Irreflexive Relation)
  7. सममित संबंध (Symmetric Relation)
  8. असममित संबंध (Asymmetric Relation)
  9. प्रतिसममित संबंध (Antisymmetric Relation)
  10. संक्रामक संबंध (Transitive Relation)
  11. समतुल्य संबंध (Equivalence Relation)

(1) रिक्त संबंध (Empty Relation)

जब A और B के बीच कोई भी क्रमबद्ध युग्म न हो, तब उसे रिक्त संबंध कहते हैं।

उदाहरण:
A = {1,2,3}
B = {4,5,6}
यदि कोई भी युग्म न बने → R = ∅


(2) सार्वभौमिक संबंध (Universal Relation)

यदि A × B के सभी संभव युग्म किसी संबंध में सम्मिलित हों, तो वह सार्वभौमिक संबंध कहलाता है।


(3) पहचान संबंध (Identity Relation)

यदि प्रत्येक अवयव स्वयं से जुड़ा हो।

उदाहरण:
A = {1,2,3}
R = {(1,1), (2,2), (3,3)}


(4) प्रतिलोम संबंध (Inverse Relation)

यदि
R = {(a, b)}
तो
R⁻¹ = {(b, a)}


(5) परावर्ती संबंध (Reflexive Relation)

यदि प्रत्येक a ∈ A के लिए (a, a) ∈ R


(6) अप्रतिवर्ती संबंध (Irreflexive Relation)

यदि किसी भी a ∈ A के लिए (a, a) ∉ R


(7) सममित संबंध (Symmetric Relation)

यदि (a, b) ∈ R ⇒ (b, a) ∈ R


(8) असममित संबंध (Asymmetric Relation)

यदि (a, b) ∈ R ⇒ (b, a) ∉ R


(9) प्रतिसममित संबंध (Antisymmetric Relation)

यदि (a, b) और (b, a) दोनों तभी संभव हों जब a = b


(10) संक्रामक संबंध (Transitive Relation)

यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R ⇒ (a, c) ∈ R


(11) समतुल्य संबंध (Equivalence Relation)

जो संबंध परावर्ती + सममित + संक्रामक हो।


8️⃣ समतुल्य वर्ग (Equivalence Class)

यदि R एक समतुल्य संबंध हो, तो किसी अवयव a से संबंधित सभी अवयवों का समूह समतुल्य वर्ग कहलाता है।


9️⃣ वास्तविक जीवन में संबंधों का महत्व

  • विद्यार्थी और कक्षा
  • ग्राहक और दुकान
  • दूरी और समय
  • तापमान और मौसम
  • आय और खर्च

हर जगह Relations की अवधारणा लागू होती है।


10️⃣ परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु

✔ परिभाषाएँ स्पष्ट याद करें
✔ सभी प्रकार के संबंधों में अंतर समझें
✔ उदाहरणों के साथ अभ्यास करें
✔ सत्यापन आधारित प्रश्न हल करें
✔ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें


11️⃣  Relations ( संबंध )FAQs)

Q1. संबंध की परिभाषा दीजिए।

Ans. दो समुच्चयों A और B के बीच बने क्रमबद्ध युग्मों के किसी भी उपसमुच्चय को संबंध कहते हैं।

Q2. क्रमबद्ध युग्म क्या होता है?

Ans. दो अवयवों को निश्चित क्रम में लिखने पर बनने वाले युग्म को क्रमबद्ध युग्म कहते हैं।

Q3. कार्तीय गुणन की परिभाषा दीजिए।

Ans. A × B = {(a, b) | a ∈ A, b ∈ B}

Q4. रिक्त संबंध क्या है?

Ans. जिसमें कोई भी युग्म न हो।

Q5. पहचान संबंध का उदाहरण दीजिए।

Ans. A = {1,2,3}
R = {(1,1), (2,2), (3,3)}

Q6. सार्वभौमिक संबंध क्या है?

Ans. जिसमें A × B के सभी युग्म शामिल हों।

Q7. प्रतिलोम संबंध क्या होता है?

 Ans .R = {(a,b)} ⇒ R⁻¹ = {(b,a)}


Q8. परावर्ती संबंध क्या है?

Ans. aRa सभी a ∈ A के लिए।

Q9. सममित संबंध की परिभाषा लिखिए।

Ans. यदि (a,b) ∈ R ⇒ (b,a) ∈ R

Q10. संक्रामक संबंध क्या होता है?

Ans. यदि (a,b) और (b,c) से (a,c) प्राप्त हो।

Q11. प्रतिसममित संबंध क्या है?

Ans. यदि (a,b) और (b,a) दोनों तभी हों जब a=b।

Q12. असममित संबंध क्या है?

Ans. यदि (a,b) होने पर (b,a) न हो।

Q13. समतुल्य संबंध की परिभाषा दीजिए।

Ans. जो परावर्ती, सममित और संक्रामक हो।

Q14. समतुल्य वर्ग क्या होता है?

Ans. किसी अवयव से जुड़े सभी अवयवों का समूह।

Q15. क्या हर संबंध सममित होता है?

Ans. नहीं।

Q16. क्या हर संबंध संक्रामक होता है?

Ans. नहीं।

Q17. पहचान संबंध परावर्ती क्यों होता है?

Ans. क्योंकि हर अवयव स्वयं से जुड़ा होता है।

Q18. समतुल्य संबंध क्यों महत्वपूर्ण है?

Ans. क्योंकि इससे वर्गीकरण सरल हो जाता है।

Q19. वास्तविक जीवन में संबंध का उदाहरण दीजिए।

Ans. माता और संतान का संबंध।

Q20. क्या रिक्त संबंध सममित होता है?

Ans. हाँ।

Q21. क्या रिक्त संबंध परावर्ती होता है?

Ans. नहीं।

Q22. क्या सार्वभौमिक संबंध सममित होता है?

Ans. हाँ।

Q23. क्या हर समतुल्य संबंध सममित होता है?

Ans. हाँ।

Q24. संबंध क्यों पढ़ाया जाता है?

Ans. क्योंकि यह फलन और उच्च गणित की नींव है।

Q25. UP Board परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंक आते हैं?

Ans. आमतौर पर 6 से 10 अंक।

🎯 निष्कर्ष (Conclusion)

Relations (संबंध) अध्याय गणित की नींव है। यदि विद्यार्थी इसे गहराई से समझ लेते हैं, तो Functions, Calculus और Algebra जैसे कठिन अध्याय भी सरल लगने लगते हैं।

gurugyanam.online का उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सरल भाषा, स्पष्ट उदाहरण और परीक्षा उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाए, जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़े और वह बेहतर प्रदर्शन कर सके।

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