Inverse Trigonometric Functions – Definition (प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन: परिभाषा)त्रिकोणमिति (Trigonometry) गणित का वह भाग है, जो कोणों और भुजाओं के आपसी संबंधों का अध्ययन करता है। कक्षा 10 और 11 में आपने त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Functions) जैसे – sin, cos, tan, cot, sec, cosec आदि का अध्ययन किया है।
अब कक्षा 12 में हम इन फलनों के प्रतिलोम रूप (Inverse Form) को पढ़ते हैं, जिन्हें प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions) कहा जाता है।
सरल शब्दों में:
जब हमें त्रिकोणमितीय फलन का मान ज्ञात हो और उससे संबंधित कोण निकालना हो, तो हम प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का प्रयोग करते हैं।
उदाहरण के लिए —
यदि sin θ = 1/2 हो, तो θ का मान निकालने के लिए हम sin⁻¹(1/2) का प्रयोग करते हैं।
2️⃣ त्रिकोणमितीय फलनों की संक्षिप्त पुनरावृत्ति
छः मूल त्रिकोणमितीय फलन हैं:
- sin θ
- cos θ
- tan θ
- cot θ
- sec θ
- cosec θ
ये फलन कोणों और त्रिभुज की भुजाओं के बीच संबंध दर्शाते हैं।
3️⃣ प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions) की आवश्यकता
मान लीजिए —
sin θ = 1/2
अब हमें θ का मान ज्ञात करना है।
यह कार्य सामान्य त्रिकोणमितीय फलनों से संभव नहीं है, इसलिए हम प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का प्रयोग करते हैं:
θ = sin⁻¹(1/2)
अतः,
sin⁻¹(1/2) = 30°
4️⃣ प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन की परिभाषा (Definition)
यदि y = sin x हो, तो
x = sin⁻¹ y
इसी प्रकार:
| त्रिकोणमितीय फलन | प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन |
| sin x | sin⁻¹ x |
| cos x | cos⁻¹ x |
| tan x | tan⁻¹ x |
| cot x | cot⁻¹ x |
| sec x | sec⁻¹ x |
| cosec x | cosec⁻¹ x |
📌 औपचारिक परिभाषा:
यदि किसी फलन f का प्रतिलोम f⁻¹ अस्तित्व में हो, तो उसे प्रतिलोम फलन कहते हैं।
जब यह अवधारणा त्रिकोणमितीय फलनों पर लागू की जाती है, तो उन्हें प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन कहते हैं।
5️⃣ मुख्य प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन
- sin⁻¹ x (आर्क साइन)
- cos⁻¹ x (आर्क कोसाइन)
- tan⁻¹ x (आर्क टैन्जेंट)
- cot⁻¹ x
- sec⁻¹ x
- cosec⁻¹ x
6️⃣ Principal Value Branch (मुख्य मान शाखा)
त्रिकोणमितीय फलन एक–एक नहीं होते, इसलिए इनके प्रतिलोम फलन एकल मान देने के लिए उनके डोमेन को सीमित किया जाता है।
इसी सीमित क्षेत्र को Principal Value Branch कहा जाता है।
Principal Value Ranges:
| फलन | Principal Value Range |
| sin⁻¹ x | [–π/2, π/2] |
| cos⁻¹ x | [0, π] |
| tan⁻¹ x | (–π/2, π/2) |
| cot⁻¹ x | (0, π) |
| sec⁻¹ x | [0, π], π/2 को छोड़कर |
| cosec⁻¹ x | [–π/2, π/2], 0 को छोड़कर |
7️⃣ प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के उदाहरण
उदाहरण 1:
sin⁻¹(1/2) = ?
हम जानते हैं:
sin 30° = 1/2
अतः,
sin⁻¹(1/2) = 30°
उदाहरण 2:
cos⁻¹(–1/2) = ?
cos 120° = –1/2
अतः,
cos⁻¹(–1/2) = 120°
उदाहरण 3:
tan⁻¹(1) = ?
tan 45° = 1
अतः,
tan⁻¹(1) = 45°
8️⃣ प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन और सामान्य भ्रम
छात्र अक्सर यह भ्रम करते हैं कि:
sin⁻¹ x = 1/sin x ❌
यह बिल्कुल गलत है।
सही अर्थ:
sin⁻¹ x का अर्थ है — वह कोण जिसका sine = x हो।
9️⃣ प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के गुण (Properties)
- sin(sin⁻¹ x) = x
- cos(cos⁻¹ x) = x
- tan(tan⁻¹ x) = x
लेकिन —
sin⁻¹(sin x) ≠ x हमेशा नहीं होता
क्योंकि x का मान principal range में होना चाहिए।
🔟 वास्तविक जीवन में उपयोग (Real Life Applications)
- सर्वेक्षण (Surveying)
- नेविगेशन (Navigation)
- इंजीनियरिंग डिजाइन
- भौतिकी (Physics)
- कंप्यूटर ग्राफिक्स
11️⃣ परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु
✔ परिभाषाएँ स्पष्ट याद रखें
✔ Principal Value Ranges याद करें
✔ सामान्य मानों का अभ्यास करें
✔ पहचान आधारित प्रश्न हल करें
✔ ग्राफ से समझने का प्रयास करें
12️⃣ छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ
❌ sin⁻¹ x को 1/sin x समझना
❌ principal range भूल जाना
❌ डिग्री और रेडियन में भ्रम
❌ ऋणात्मक चिन्ह की अनदेखी
13️⃣ परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार
- sin⁻¹, cos⁻¹, tan⁻¹ के मान
- principal value निकालिए
- पहचान सिद्ध कीजिए
- सरल संख्यात्मक प्रश्न
14️⃣ Inverse Trigonometric Functions – Definition
(प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन: परिभाषा) (FAQs)
Q1. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन क्या होते हैं?
Ans. वे फलन जिनसे दिए गए त्रिकोणमितीय मान से संबंधित कोण ज्ञात किया जाता है।
Q2. sin⁻¹ x का अर्थ क्या है?
Ans. वह कोण जिसका sine = x हो।
Q3. क्या sin⁻¹ x = 1/sin x होता है?
Ans. नहीं।
Q4. sin⁻¹(1/2) का मान क्या है?
Ans. 30°
Q5. cos⁻¹(0) का मान क्या है?
Ans. 90°
Q6. tan⁻¹(1) का मान क्या है?
Ans. 45°
Q7. principal value branch क्या है?
Ans.प्रतिलोम फलनों का सीमित डोमेन।
Q8. sin⁻¹ x की range क्या है?
Ans.[–π/2, π/2]
Q9. cos⁻¹ x की range क्या है?
Ans.[0, π]
Q10. tan⁻¹ x की range क्या है?
Ans.(–π/2, π/2)
Q11. sin(sin⁻¹ x) का मान क्या होता है?
Ans.x
Q12. sin⁻¹(sin 150°) का मान क्या होगा?
Ans.30°
Q13. प्रतिलोम फलन क्यों आवश्यक हैं?
Ans.कोण ज्ञात करने के लिए।
Q14. cot⁻¹(1) का मान क्या है?
Ans.45°
Q15. sec⁻¹(1) का मान क्या है?
Ans.0°
Q16. cosec⁻¹(1) का मान क्या है?
Ans.90°
Q17. क्या हर त्रिकोणमितीय फलन का प्रतिलोम होता है?
Ans.हाँ, सीमित डोमेन पर।
Q18. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का उपयोग कहाँ होता है?
Ans.इंजीनियरिंग और विज्ञान में।
Q19. क्या sin⁻¹ और arcsin समान हैं?
Ans.हाँ।
Q20. क्या tan⁻¹ x = cot⁻¹ x?
Ans.नहीं।
Q21. sin⁻¹(–1) का मान क्या है?
Ans.–90°
Q22. cos⁻¹(–1) का मान क्या है?
Ans. 180°
Q23. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन किस कक्षा में पढ़ाया जाता है?
Ans. कक्षा 12 में।
Q24. UP Board परीक्षा में इससे कितने अंक आते हैं?
Ans.लगभग 6–10 अंक।
Q25. इस अध्याय में सफलता का सर्वोत्तम तरीका क्या है?
Ans.नियमित अभ्यास और मान याद करना।
🎯 निष्कर्ष (Conclusion)
Inverse Trigonometric Functions – Definition अध्याय गणित की तार्किक क्षमता, विश्लेषण शक्ति और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करता है। यह अध्याय आगे आने वाले Limits, Continuity, Differentiation और Integration जैसे महत्वपूर्ण अध्यायों की नींव है।










