Inverse Functions ( प्रतिलोम फलन ) गणित में फलन (Function) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है। लेकिन जब हम किसी फलन के प्रभाव को उल्टा (Reverse) करना चाहते हैं, तब हमें प्रतिलोम फलन (Inverse Function) की आवश्यकता होती है।
सरल शब्दों में कहें तो:
जो फलन किसी संख्या को बदलता है, उसका प्रतिलोम उस बदले हुए परिणाम से मूल संख्या को वापस प्राप्त करता है।
उदाहरण के लिए —
यदि कोई मशीन किसी संख्या में +5 जोड़ती है, तो उसे वापस पाने के लिए हमें –5 करना होगा। यही विचार गणित में Inverse Function कहलाता है।
वास्तविक जीवन में प्रतिलोम फलन का प्रयोग बहुत व्यापक है, जैसे:
- एन्क्रिप्शन और डीक्रिप्शन
- यूनिट कन्वर्ज़न (मीटर → सेंटीमीटर और वापसी)
- तापमान परिवर्तन
- बैंकिंग गणनाएँ
- कंप्यूटर एल्गोरिदम
2️⃣ फलन की संक्षिप्त पुनरावृत्ति
परिभाषा:
यदि A और B दो समुच्चय हों तथा A के प्रत्येक अवयव के लिए B में केवल एक अवयव निश्चित हो, तो उस संबंध को फलन (Function) कहते हैं।
संकेत:
f : A → B
3️⃣ प्रतिलोम फलन (Inverse Function) की परिभाषा
परिभाषा:
यदि कोई फलन f : A → B एक द्वि–एक (Bijective) फलन हो, तो उसका एक प्रतिलोम फलन f⁻¹ : B → A अस्तित्व में होता है, जिससे:
f(f⁻¹(x)) = x और f⁻¹(f(x)) = x
सरल शब्दों में:
जो फलन किसी इनपुट को आउटपुट में बदलता है, उसका प्रतिलोम उस आउटपुट को फिर से उसी इनपुट में बदल देता है।
4️⃣ प्रतिलोम फलन की आवश्यकता क्यों?
- मूल मान प्राप्त करने के लिए
- समीकरण हल करने में
- गणितीय मॉडलिंग में
- कोडिंग–डिकोडिंग में
- वैज्ञानिक गणनाओं में
5️⃣ प्रतिलोम फलन का अस्तित्व (Existence of Inverse Function)
किसी फलन का प्रतिलोम तभी अस्तित्व में होता है जब वह फलन:
✅ एक-एक (One-One) हो
✅ सर्वांग (Onto) हो
अर्थात् — फलन द्वि–एक (Bijective) होना चाहिए।
6️⃣ प्रतिलोम फलन निकालने की विधि (Steps to Find Inverse Function)
मान लीजिए:
f(x) दिया गया है।
Step 1:
y = f(x) लिखें।
Step 2:
x और y को आपस में बदल दें।
Step 3:
नए समीकरण से y को x के रूप में हल करें।
Step 4:
प्राप्त y = f⁻¹(x)
उदाहरण 1:
यदि f(x) = 2x + 3 हो, तो इसका प्रतिलोम ज्ञात कीजिए।
हल:
Step 1: y = 2x + 3
Step 2: x = 2y + 3
Step 3: x – 3 = 2y ⇒ y = (x – 3)/2
अतः
f⁻¹(x) = (x – 3)/2
7️⃣ प्रतिलोम फलन का सत्यापन (Verification)
हमेशा जाँच करें:
f(f⁻¹(x)) = x
और
f⁻¹(f(x)) = x
यदि यह शर्त पूरी होती है, तो प्राप्त फलन सही प्रतिलोम है।
8️⃣ कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण (Important Examples)
उदाहरण 2:
f(x) = (x – 1)/(x + 2)
हल:
y = (x – 1)/(x + 2)
x और y बदलें:
x = (y – 1)/(y + 2)
अब हल करें:
x(y + 2) = y – 1
xy + 2x = y – 1
xy – y = –1 – 2x
y(x – 1) = –(2x + 1)
y = –(2x + 1)/(x – 1)
अतः
f⁻¹(x) = –(2x + 1)/(x – 1)
9️⃣ प्रतिलोम फलन के गुण (Properties of Inverse Function)
- यदि f⁻¹ मौजूद है, तो f द्वि-एक होगा।
- (f⁻¹)⁻¹ = f
- f(f⁻¹(x)) = x
- ग्राफ में f और f⁻¹ की रेखाएँ y = x के सापेक्ष सममित होती हैं।
🔟 ग्राफ द्वारा प्रतिलोम फलन की पहचान
यदि किसी फलन और उसके प्रतिलोम का ग्राफ बनाया जाए, तो वे दोनों y = x रेखा के प्रति प्रतिबिंब होते हैं।
11️⃣ वास्तविक जीवन में प्रतिलोम फलन का उपयोग
| क्रिया | फलन | प्रतिलोम फलन |
| मीटर → सेंटीमीटर | ×100 | ÷100 |
| सेल्सियस → फारेनहाइट | (9/5)x + 32 | (5/9)(x – 32) |
| एन्क्रिप्शन | कोड बनाना | डीकोड करना |
| बैंकिंग | ब्याज जोड़ना | मूल राशि निकालना |
12️⃣ परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
✔ प्रतिलोम निकालने की विधि अच्छी तरह याद करें
✔ द्वि-एक की शर्त याद रखें
✔ सत्यापन करना सीखें
✔ भिन्नात्मक फलनों का अभ्यास करें
✔ ग्राफ आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें
13️⃣ सामान्य गलतियाँ जो विद्यार्थी करते हैं
❌ बिना जाँचे प्रतिलोम मान लेना
❌ x और y न बदलना
❌ गणना में चिन्हों की गलती
❌ डोमेन पर ध्यान न देना
14️⃣ परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के प्रकार
- प्रतिलोम निकालिए
- जाँचिए कि दिया गया फलन द्वि-एक है या नहीं
- सत्यापित कीजिए कि f और g परस्पर प्रतिलोम हैं
- ग्राफ आधारित प्रश्न
15️⃣ 25 परीक्षा उपयोगी प्रश्न-उत्तर (FAQs)
Q1. प्रतिलोम फलन की परिभाषा लिखिए।
Ans. जिस फलन द्वारा किसी फलन के प्रभाव को उल्टा किया जाए, उसे प्रतिलोम फलन कहते हैं।
Q2. प्रतिलोम फलन का संकेत क्या है?
Ans. f⁻¹(x)
Q3. प्रतिलोम फलन का अस्तित्व कब होता है?
Ans. जब फलन द्वि-एक हो।
Q4. द्वि-एक फलन क्या होता है?
Ans. जो एक-एक और सर्वांग दोनों हो।
Q5. f(x) = 2x + 5 का प्रतिलोम ज्ञात कीजिए।
Ans. f⁻¹(x) = (x – 5)/2
Q6. f(x) = x² का प्रतिलोम क्यों नहीं होता?
Ans. क्योंकि यह एक-एक नहीं है।
Q7. सत्यापन क्यों आवश्यक है?
Ans. प्रतिलोम की शुद्धता जाँचने के लिए।
Q8. प्रतिलोम फलन का ग्राफ कैसे बनता है?
Ans. y = x के प्रति प्रतिबिंब।
Q9. क्या हर फलन का प्रतिलोम होता है?
Ans. नहीं।
Q10. पहचान फलन का प्रतिलोम क्या होता है?
Ans. वही पहचान फलन।
Q11. f(f⁻¹(x)) का मान क्या होता है?
Ans. x
Q12. f⁻¹(f(x)) का मान क्या होता है?
Ans. x
Q13. वास्तविक जीवन में प्रतिलोम फलन का उदाहरण दीजिए।
Ans. सेल्सियस ↔ फारेनहाइट रूपांतरण।
Q14. क्या f(x) = x³ का प्रतिलोम होता है?
Ans. हाँ।
Q15. f(x) = x³ का प्रतिलोम क्या है?
Ans. f⁻¹(x) = ∛x
Q16. प्रतिलोम फलन क्यों पढ़ाया जाता है?
Ans. क्योंकि यह उन्नत गणित की नींव है।
Q17. क्या स्थिर फलन का प्रतिलोम होता है?
Ans. नहीं।
Q18. रैखिक फलन का प्रतिलोम कैसे होता है?
Ans.
x और y बदलकर हल करने से।
Q19. क्या f(x) = 1/x का प्रतिलोम होता है?
Ans. हाँ, वही 1/x।
Q20. प्रतिलोम फलन किस अध्याय की नींव है?
Ans. Calculus, Differentiation, Integration।
Q21. क्या प्रतिलोम फलन हमेशा मौजूद होता है?
Ans. नहीं।
Q22. f(x) = 3x – 7 का प्रतिलोम क्या है?
Ans. f⁻¹(x) = (x + 7)/3
Q23. प्रतिलोम निकालने की पहली स्टेप क्या है?
Ans. y = f(x) लिखना।
Q24. UP Board परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंक आते हैं?
Ans. लगभग 6–10 अंक।
Q25. इस अध्याय में सफलता का सर्वोत्तम तरीका क्या है?
Ans. नियमित अभ्यास, सत्यापन और ग्राफ की समझ।
🎯 निष्कर्ष (Conclusion)
Inverse Functions (प्रतिलोम फलन) अध्याय गणित की गहराई और तर्कशक्ति को मजबूत करता है। यदि विद्यार्थी इसे अच्छे से समझ लेते हैं, तो Limits, Continuity, Differentiation और Integration जैसे कठिन अध्याय बहुत सरल हो जाते हैं।










