Factors Affecting Rate of Reaction (अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक) – Class 12 Chemistry

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Factors Affecting Rate of Reaction  हमारे दैनिक जीवन में हम देखते हैं कि कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ बहुत तेज़ होती हैं, जैसे गैस का जलना या पटाखे का फटना, जबकि कुछ अभिक्रियाएँ बहुत धीमी होती हैं, जैसे लोहे पर जंग लगना या दूध का खट्टा होना। इससे यह स्पष्ट होता है कि सभी रासायनिक अभिक्रियाएँ समान दर से नहीं होतीं

रासायनिक अभिक्रिया की गति या दर कई बाहरी और आंतरिक कारकों पर निर्भर करती है। इन कारकों को समझना Chemical Kinetics का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है।

Class 12 UP Board Chemistry में Factors Affecting Rate of Reaction अध्याय से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इस विषय को गहराई से समझना आवश्यक है।

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2. अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक – संक्षिप्त परिचय

रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:

  1. अभिकारकों की प्रकृति (Nature of Reactants)
  2. सांद्रता (Concentration)
  3. तापमान (Temperature)
  4. उत्प्रेरक (Catalyst)
  5. सतह क्षेत्रफल (Surface Area)
  6. दाब (Pressure – गैसीय अभिक्रिया में)
  7. प्रकाश (Light – प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाओं में)

अब हम इन सभी कारकों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।


3. अभिकारकों की प्रकृति (Nature of Reactants)

अभिकारकों की रासायनिक प्रकृति अभिक्रिया की दर को बहुत अधिक प्रभावित करती है।

(a) आयनिक और सहसंयोजक यौगिक

  • आयनिक यौगिकों की अभिक्रियाएँ सामान्यतः बहुत तेज़ होती हैं।
  • सहसंयोजक यौगिकों की अभिक्रियाएँ अपेक्षाकृत धीमी होती हैं।

उदाहरण:
NaCl + AgNO₃ → AgCl ↓ + NaNO₃ (तेज़ अभिक्रिया)

(b) बंधों की प्रकृति

जिन अणुओं में बंध कमजोर होते हैं, उनकी अभिक्रिया दर अधिक होती है।

निष्कर्ष:
अभिकारकों की रासायनिक संरचना और बंधों की शक्ति अभिक्रिया की दर को सीधे प्रभावित करती है।


4. सांद्रता का प्रभाव (Effect of Concentration)

जब अभिकारकों की सांद्रता बढ़ाई जाती है, तो उनके कणों के बीच टक्करों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे अभिक्रिया की दर बढ़ जाती है

टक्कर सिद्धांत (Collision Theory) के अनुसार:

अधिक सांद्रता → अधिक टक्कर → अधिक प्रभावी टक्कर → अधिक दर

उदाहरण:

यदि HCl की सांद्रता बढ़ा दी जाए तो Mg के साथ उसकी अभिक्रिया तेज़ हो जाती है।


5. तापमान का प्रभाव (Effect of Temperature)

तापमान अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है।

मुख्य तथ्य:

तापमान में 10°C की वृद्धि से अभिक्रिया की दर लगभग 2 से 3 गुना बढ़ जाती है

कारण:

तापमान बढ़ाने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिससे अधिक प्रभावी टक्कर होती है।

Arrhenius सिद्धांत:

तापमान बढ़ने से सक्रियण ऊर्जा बाधा पार करना आसान हो जाता है, जिससे दर बढ़ जाती है।


6. उत्प्रेरक का प्रभाव (Effect of Catalyst)

उत्प्रेरक वह पदार्थ होता है जो स्वयं उपभोग हुए बिना अभिक्रिया की दर को बढ़ा देता है

उत्प्रेरक का कार्य:

  • सक्रियण ऊर्जा को कम करता है
  • वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है
  • अभिक्रिया को तेज़ करता है

उदाहरण:

MnO₂ की उपस्थिति में KClO₃ का अपघटन बहुत तेज़ होता है।


7. सतह क्षेत्रफल का प्रभाव (Effect of Surface Area)

ठोस अभिकारकों में सतह क्षेत्रफल जितना अधिक होगा, अभिक्रिया की दर उतनी ही अधिक होगी

कारण:

अधिक सतह क्षेत्र → अधिक संपर्क → अधिक टक्कर → अधिक दर

उदाहरण:

पिसा हुआ चूना पत्थर, बड़े टुकड़े की तुलना में तेज़ी से प्रतिक्रिया करता है।


8. दाब का प्रभाव (Effect of Pressure)

गैसीय अभिक्रियाओं में दाब बढ़ाने से गैसों की सांद्रता बढ़ जाती है, जिससे अभिक्रिया की दर बढ़ जाती है।


9. प्रकाश का प्रभाव (Effect of Light)

कुछ अभिक्रियाएँ केवल प्रकाश की उपस्थिति में होती हैं। इन्हें प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाएँ कहते हैं।

उदाहरण:

H₂ + Cl₂ → 2HCl (प्रकाश में)


10. टक्कर सिद्धांत और दर

टक्कर सिद्धांत के अनुसार केवल वही टक्कर प्रभावी होती है जिसमें:

  1. पर्याप्त ऊर्जा हो
  2. सही दिशा हो

इससे स्पष्ट होता है कि उपर्युक्त सभी कारक प्रभावी टक्करों की संख्या को बदलकर दर को प्रभावित करते हैं।


11. दैनिक जीवन में इन कारकों का महत्व

  • भोजन पकाना (तापमान)
  • दवा निर्माण (उत्प्रेरक)
  • खाद्य संरक्षण (तापमान नियंत्रण)
  • ईंधन दहन (सांद्रता और तापमान)

12. औद्योगिक उपयोग

उद्योगों में अधिक उत्पादन और कम समय में अधिक लाभ के लिए इन सभी कारकों को नियंत्रित किया जाता है।


13. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु – gurugyanam.online

  • Temperature ↑ → Rate ↑
  • Catalyst → Activation Energy ↓
  • Surface Area ↑ → Rate ↑
  • Concentration ↑ → Rate ↑

Factors Affecting Rate of Reaction (Class 12 Chemistry)

Q1. अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-कौन से हैं?
Ans. सांद्रता, तापमान, उत्प्रेरक, सतह क्षेत्रफल, प्रकृति, दाब, प्रकाश।

Q2. सबसे प्रभावी कारक कौन सा है?
Ans. तापमान।

Q3. तापमान बढ़ाने से दर क्यों बढ़ती है?
Ans. गतिज ऊर्जा बढ़ने से।

Q4. उत्प्रेरक क्या करता है?
Ans. दर बढ़ाता है।

Q5. क्या उत्प्रेरक स्वयं खर्च होता है?
Ans. नहीं।

Q6. सतह क्षेत्रफल बढ़ाने से दर क्यों बढ़ती है?
Ans. अधिक संपर्क के कारण।

Q7. गैसीय अभिक्रिया में दाब क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. क्योंकि यह सांद्रता बढ़ाता है।

Q8. प्रकाश का प्रभाव कब पड़ता है?
Ans. प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाओं में।

Q9. आयनिक अभिक्रिया तेज़ क्यों होती है?
Ans. क्योंकि बंध टूटने की आवश्यकता नहीं।

Q10. सहसंयोजक अभिक्रिया धीमी क्यों?
Ans. क्योंकि बंध तोड़ने में अधिक ऊर्जा लगती है।

Q11. तापमान 10°C बढ़ाने पर दर कितनी बढ़ती है?
Ans. 2–3 गुना।

Q12. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा पर क्या प्रभाव डालता है?
Ans. इसे कम करता है।

Q13. दाब का प्रभाव किस पर होता है?
Ans. गैसीय अभिक्रियाओं पर।

Q14. कौन सा कारक ठोसों के लिए अधिक महत्वपूर्ण है?
Ans. सतह क्षेत्रफल।

Q15. Collision theory क्या बताती है?
Ans. प्रभावी टक्कर से दर बढ़ती है।

Q16. पिसा पदार्थ तेज़ी से प्रतिक्रिया क्यों करता है?
Ans. अधिक सतह क्षेत्र के कारण।

Q17. तापमान घटाने से दर पर क्या प्रभाव?
Ans. दर घट जाती है।

Q18. कौन सा कारक दर को सबसे अधिक नियंत्रित करता है?
Ans. तापमान।

Q19. क्या सभी अभिक्रियाएँ प्रकाश पर निर्भर होती हैं?
Ans. नहीं।

Q20. Rate बढ़ाने का औद्योगिक लाभ?
Ans. उत्पादन में वृद्धि।

Q21. उत्प्रेरक के बिना क्या अभिक्रिया नहीं होगी?
Ans. होगी, लेकिन धीमी।

Q22. अधिक सांद्रता से दर क्यों बढ़ती है?
Ans. अधिक टक्कर से।

Q23. क्या प्रकृति कारक बदला जा सकता है?
Ans. नहीं।

Q24. यह अध्याय परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. सिद्धांत + संख्यात्मक दोनों के लिए।

Q25. इस टॉपिक की तैयारी कैसे करें?
Ans. सिद्धांत + उदाहरण + ग्राफ अभ्यास से।


निष्कर्ष (Conclusion)

Factors Affecting Rate of Reaction रसायन विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जो यह स्पष्ट करता है कि रासायनिक अभिक्रियाएँ किन परिस्थितियों में तेज़ या धीमी होती हैं। इसका उपयोग औद्योगिक उत्पादन, चिकित्सा, खाद्य संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक रूप से किया जाता है।

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