Arrhenius Equation (आर्हेनियस समीकरण) तापमान बढ़ाने पर अधिकांश रासायनिक अभिक्रियाएँ तेज़ हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, भोजन पकाने पर अधिक तापमान से खाना जल्दी पक जाता है, जबकि कम तापमान पर वही प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है। इसी प्रकार, उद्योगों में भी अधिक उत्पादन के लिए तापमान नियंत्रित किया जाता है।
यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है कि तापमान बढ़ाने से अभिक्रिया की दर क्यों बढ़ जाती है? इसका वैज्ञानिक उत्तर हमें Arrhenius Equation (आर्हेनियस समीकरण) से प्राप्त होता है। यह समीकरण यह स्पष्ट करता है कि तापमान, सक्रियण ऊर्जा और अभिक्रिया की दर के बीच गहरा संबंध होता है।
2. Arrhenius Equation की परिभाषा (Definition)
Arrhenius Equation वह गणितीय समीकरण है जो अभिक्रिया की दर स्थिरांक (Rate Constant, k) और तापमान (T) के बीच संबंध को व्यक्त करता है। यह समीकरण बताता है कि तापमान में परिवर्तन से अभिक्रिया की दर किस प्रकार बदलती है।
यह समीकरण स्वीडिश वैज्ञानिक Svante Arrhenius द्वारा प्रस्तुत किया गया था।gurugyanam.online
3. Arrhenius समीकरण का गणितीय रूप (Mathematical Form)
k = A e^(−Ea/RT)
जहाँ:
- k = दर स्थिरांक (Rate Constant)
- A = आवृत्ति गुणांक / Frequency Factor
- Ea = सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy)
- R = गैस नियतांक (8.314 J mol⁻¹ K⁻¹)
- T = परम तापमान (Kelvin)
- e = प्राकृतिक लघुगणक का आधार (≈ 2.718)
4. समीकरण के प्रत्येक पद का अर्थ
(1) Rate Constant (k)
यह किसी निश्चित तापमान पर अभिक्रिया की गति को दर्शाता है। k का मान जितना अधिक होगा, अभिक्रिया उतनी ही तेज़ होगी।
(2) Frequency Factor (A)
यह प्रभावी टक्करों की आवृत्ति को दर्शाता है। इसका मान अणुओं की प्रकृति और दिशा पर निर्भर करता है।
(3) Activation Energy (Ea)
अभिक्रिया को प्रारंभ करने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा।
(4) Temperature (T)
तापमान बढ़ने से अधिक अणु सक्रियण ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जिससे दर बढ़ती है।
5. Arrhenius समीकरण का लघुगणकीय रूप (Logarithmic Form)
Arrhenius समीकरण को log रूप में लिखा जाता है:
ln k = ln A − Ea / RT
या
log k = log A − Ea / (2.303 RT)
यह रूप Activation Energy ज्ञात करने के लिए अत्यंत उपयोगी है।
6. Arrhenius Plot (ग्राफ)
जब हम log k बनाम 1/T का ग्राफ बनाते हैं, तो एक सीधी रेखा (Straight Line) प्राप्त होती है।
इस ग्राफ में:
- ढाल (Slope) = −Ea / 2.303R
- अवरोध (Intercept) = log A
इस प्रकार, ग्राफ से आसानी से सक्रियण ऊर्जा और आवृत्ति गुणांक ज्ञात किए जा सकते हैं।
7. तापमान का प्रभाव (Effect of Temperature)
Arrhenius समीकरण के अनुसार:
तापमान बढ़ने पर दर स्थिरांक k का मान घातीय रूप से बढ़ता है।
कारण:
- तापमान बढ़ने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- अधिक अणु सक्रियण ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
- प्रभावी टक्करों की संख्या बढ़ती है।
- अभिक्रिया की दर तेज़ हो जाती है।
सामान्य नियम के अनुसार:
तापमान में 10°C वृद्धि से अभिक्रिया की दर लगभग 2 से 3 गुना बढ़ जाती है।
8. Activation Energy और Arrhenius समीकरण का संबंध
Arrhenius समीकरण स्पष्ट करता है कि:
- Ea कम → अभिक्रिया तेज़
- Ea अधिक → अभिक्रिया धीमी
अर्थात सक्रियण ऊर्जा अभिक्रिया की गति को नियंत्रित करने वाला एक प्रमुख कारक है।
9. उत्प्रेरक और Arrhenius समीकरण
उत्प्रेरक (Catalyst) अभिक्रिया की Activation Energy को कम कर देता है, जिससे Arrhenius समीकरण के अनुसार k का मान बढ़ जाता है और अभिक्रिया तेज़ हो जाती है।
उदाहरण:
MnO₂ की उपस्थिति में KClO₃ का अपघटन बहुत तेज़ हो जाता है।
10. संख्यात्मक उदाहरण (Numerical Examples)
उदाहरण 1:
यदि किसी अभिक्रिया के लिए Ea = 40 kJ/mol है, तो तापमान बढ़ाने पर दर क्यों बढ़ेगी?
उत्तर:
तापमान बढ़ाने से Ea/RT का मान घटता है, जिससे e^(−Ea/RT) बढ़ता है, अतः k बढ़ता है और अभिक्रिया तेज़ हो जाती है।
उदाहरण 2:
यदि किसी अभिक्रिया की दर स्थिरांक 300 K पर k₁ और 310 K पर k₂ हो, तो निम्न सूत्र से k₂/k₁ ज्ञात किया जाता है:
log (k₂/k₁) = Ea / 2.303R × (T₂ − T₁) / (T₁T₂)
11. दैनिक जीवन में Arrhenius समीकरण का महत्व
- खाना पकाने में तापमान नियंत्रण
- दवाइयों का निर्माण
- खाद्य संरक्षण
- ईंधन दहन प्रक्रिया
- औद्योगिक रासायनिक उत्पादन
12. औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग
उद्योगों में Arrhenius समीकरण की सहायता से:
- सही तापमान चुना जाता है
- ऊर्जा की बचत की जाती है
- उत्प्रेरकों का चयन किया जाता है
- उत्पादन दर को बढ़ाया जाता है
13. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु – gurugyanam.online
- k = A e^(−Ea/RT)
- log k = log A − Ea / 2.303RT
- तापमान ↑ → k ↑
- उत्प्रेरक → Ea ↓ → दर ↑
Arrhenius Equation (Class 12 Chemistry)
Q1. Arrhenius समीकरण क्या है?
Ans. दर स्थिरांक और तापमान के बीच संबंध।
Q2. Arrhenius समीकरण किसने दिया?
Ans. Svante Arrhenius।
Q3. Arrhenius समीकरण का मुख्य सूत्र क्या है?
Ans. k = A e^(−Ea/RT)
Q4. Ea का अर्थ क्या है?
Ans. Activation Energy।
Q5. तापमान बढ़ाने से दर क्यों बढ़ती है?
Ans. अधिक अणु सक्रिय हो जाते हैं।
Q6. Frequency factor क्या है?
Ans. प्रभावी टक्करों की आवृत्ति।
Q7. Arrhenius plot क्या है?
Ans. log k बनाम 1/T का ग्राफ।
Q8. ग्राफ की ढाल क्या दर्शाती है?
Ans. Activation Energy।
Q9. उत्प्रेरक का प्रभाव क्या है?
Ans. Ea कम करता है।
Q10. Ea कम होने से क्या होगा?
Ans. अभिक्रिया तेज़।
Q11. Ea अधिक होने से क्या होगा?
Ans. अभिक्रिया धीमी।
Q12. R का मान क्या है?
Ans. 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹
Q13. T किस इकाई में लिया जाता है?
Ans. Kelvin
Q14. Arrhenius समीकरण का औद्योगिक महत्व?
Ans. उत्पादन नियंत्रण।
Q15. क्या k तापमान पर निर्भर करता है?
Ans. हाँ।
Q16. क्या बिना Ea अभिक्रिया संभव है?
Ans. नहीं।
Q17. Arrhenius समीकरण से क्या ज्ञात करते हैं?
Ans. Activation Energy।
Q18. Arrhenius समीकरण क्यों पढ़ाया जाता है?
Ans. दर समझने हेतु।
Q19. क्या यह समीकरण प्रयोगात्मक है?
Ans. हाँ।
Q20. Arrhenius plot सीधी रेखा क्यों देता है?
Ans. लघुगणकीय संबंध के कारण।
Q21. दवाइयों के निर्माण में इसका महत्व?
Ans. तापमान नियंत्रण।
Q22. खाद्य संरक्षण में इसका उपयोग?
Ans. सही तापमान चयन।
Q23. ईंधन दहन में इसका महत्व?
Ans. तेज़ अभिक्रिया हेतु।
Q24. परीक्षा में इसका महत्व क्यों?
Ans. सिद्धांत + संख्यात्मक।
Q25. इस टॉपिक की तैयारी कैसे करें?
Ans. सूत्र + Numerical अभ्यास।
निष्कर्ष (Conclusion)
Arrhenius Equation (आर्हेनियस समीकरण) रासायनिक गतिकी का एक आधारभूत सिद्धांत है, जो हमें यह समझने में सहायता करता है कि तापमान और सक्रियण ऊर्जा किस प्रकार अभिक्रिया की दर को प्रभावित करते हैं। यह न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यावहारिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।










