Composition of Functions ( फलनों का संयोजन ) – Class 12 Maths | UP Board

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Composition of Functions (फलनों का संयोजन) गणित में फलन (Function) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसके आधार पर आगे के कई अध्याय जैसे Limits, Continuity, Differentiation, Integration, Differential Equations आदि निर्मित होते हैं।
जब हम दो या दो से अधिक फलनों को एक साथ जोड़कर नया फलन बनाते हैं, तो उस प्रक्रिया को फलनों का संयोजन (Composition of Functions) कहा जाता है।

सरल शब्दों में —

जब एक फलन का आउटपुट दूसरे फलन का इनपुट बन जाए, तो उसे फलनों का संयोजन कहते हैं।

वास्तविक जीवन में भी हम अनेक बार इस प्रकार की स्थिति देखते हैं, जैसे —

  • पहले वस्तु का मूल्य निकालना और फिर उस पर टैक्स जोड़ना
  • तापमान को सेल्सियस से फारेनहाइट में बदलना और फिर केल्विन में बदलना
  • पहले दूरी निकालना और फिर समय से गति निकालना

इन सभी स्थितियों में एक से अधिक फलन मिलकर कार्य करते हैं, यही विचार गणित में Composition of Functions कहलाता है।

gurugyanam.online द्वारा तैयार यह अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों को इस अध्याय को सरल भाषा, चरणबद्ध विधि, व्यावहारिक उदाहरण और परीक्षा उपयोगी दृष्टिकोण के साथ समझाने के उद्देश्य से बनाई गई है।


2️⃣ फलन की संक्षिप्त पुनरावृत्ति

परिभाषा:
यदि A और B दो समुच्चय हों तथा A के प्रत्येक अवयव के लिए B में केवल एक अवयव निश्चित हो, तो उस संबंध को फलन (Function) कहते हैं।

संकेत:
f : A → B


3️⃣ फलनों का संयोजन (Composition of Functions) की परिभाषा

मान लीजिए दो फलन हैं:

f : A → B
g : B → C

तो g और f का संयोजन इस प्रकार परिभाषित किया जाता है:

(g ∘ f)(x) = g(f(x))

इसे पढ़ते हैं —
g of f of x


सरल भाषा में:

पहले x पर f लागू करें, फिर उसके परिणाम पर g लागू करें।


4️⃣ संयोजन की आवश्यकता क्यों?

  1. जटिल समस्याओं को सरल चरणों में हल करने के लिए
  2. वास्तविक जीवन की प्रक्रियाओं का गणितीय मॉडल बनाने के लिए
  3. उन्नत गणित (Calculus) की नींव के लिए
  4. कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और डेटा प्रोसेसिंग में
  5. वैज्ञानिक गणनाओं में

5️⃣ संयोजन को समझने का आसान तरीका

मान लीजिए —

f(x) = 2x
g(x) = x + 3

तो:

(g ∘ f)(x) = g(f(x)) = g(2x) = 2x + 3

जबकि

(f ∘ g)(x) = f(g(x)) = f(x + 3) = 2(x + 3) = 2x + 6

👉 यहाँ ध्यान दें:

(g ∘ f)(x) ≠ (f ∘ g)(x)

अर्थात् फलनों का संयोजन क्रम पर निर्भर करता है।


6️⃣ संयोजन निकालने की चरणबद्ध विधि

मान लीजिए:

f(x) और g(x) दिए गए हैं।

Step 1:

पहले f(x) निकालें।

Step 2:

अब g(x) में f(x) रखें।

Step 3:

सरलीकरण करें।


उदाहरण 1:

f(x) = x + 2
g(x) = 3x

(g ∘ f)(x) = g(f(x)) = g(x + 2) = 3(x + 2) = 3x + 6


7️⃣ (f ∘ g) और (g ∘ f) में अंतर

(f ∘ g)(x)(g ∘ f)(x)
पहले g, फिर fपहले f, फिर g
f(g(x))g(f(x))
सामान्यतः समान नहींसामान्यतः समान नहीं

8️⃣ संयोजन के लिए आवश्यक शर्त

यदि
f : A → B
g : B → C

तो g f तभी परिभाषित होगा जब f का कोडोमेन = g का डोमेन हो।


9️⃣ पहचान फलन और संयोजन

यदि I(x) = x हो, तो:

f ∘ I = I ∘ f = f

अर्थात् पहचान फलन संयोजन में तटस्थ अवयव (Identity Element) की तरह कार्य करता है।


🔟 प्रतिलोम फलन और संयोजन का संबंध

यदि f और g एक-दूसरे के प्रतिलोम हों, तो:

f ∘ g = g ∘ f = I

जहाँ I पहचान फलन है।


11️⃣ कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण (Solved Examples)

उदाहरण 2:

यदि
f(x) = x²
g(x) = x + 1

तो (g ∘ f)(x) और (f ∘ g)(x) ज्ञात कीजिए।

हल:

(g ∘ f)(x) = g(f(x)) = g(x²) = x² + 1

(f ∘ g)(x) = f(g(x)) = f(x + 1) = (x + 1)² = x² + 2x + 1


उदाहरण 3:

यदि
f(x) = 1/x
g(x) = x + 2

तो (f ∘ g)(x) ज्ञात करें।

हल:

(f ∘ g)(x) = f(x + 2) = 1/(x + 2)


12️⃣ वास्तविक जीवन में फलनों का संयोजन

प्रक्रियापहला फलनदूसरा फलनसंयोजन
टैक्सी किरायादूरी → किरायाटैक्स जोड़नाकुल भुगतान
तापमानC → FF → KC → K
बैंकिंगमूलधन → ब्याजब्याज → कुल राशिकुल भुगतान
ई-कॉमर्सकीमतGSTअंतिम मूल्य

13️⃣ ग्राफ द्वारा संयोजन की समझ

जब दो फलनों का संयोजन किया जाता है, तो ग्राफ में पहले f का ग्राफ पढ़ा जाता है, फिर उसके आउटपुट को g के ग्राफ में डाला जाता है। इससे छात्रों को ग्राफिकल इंटरप्रिटेशन समझने में मदद मिलती है।


14️⃣ परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु

✔ परिभाषा स्पष्ट याद रखें
✔ (f ∘ g) और (g ∘ f) में अंतर समझें
✔ डोमेन की शर्त पर ध्यान दें
✔ उदाहरणों का नियमित अभ्यास करें
✔ पहचान और प्रतिलोम फलन से संबंध समझें


15️⃣ सामान्य गलतियाँ जो विद्यार्थी करते हैं

❌ (f ∘ g) और (g ∘ f) को समान मान लेना
❌ डोमेन की जाँच न करना
❌ ब्रैकेट खोलते समय गलती
❌ चिन्हों की अदला-बदली


16️⃣ परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के प्रकार

  • (f ∘ g)(x) निकालिए
  • (g ∘ f)(x) ज्ञात कीजिए
  • जाँचिए कि (f ∘ g) = (g ∘ f) है या नहीं
  • पहचान फलन के साथ संयोजन
  • प्रतिलोम फलन के साथ संयोजन

17️⃣ Composition of Functions (फलनों का संयोजन) (FAQs)

Q1. फलनों का संयोजन किसे कहते हैं?

Ans. जब एक फलन का आउटपुट दूसरे फलन का इनपुट बने, तो उसे फलनों का संयोजन कहते हैं।

Q2. (g ∘ f)(x) का अर्थ क्या है?

Ans. g(f(x))

Q3. क्या (f ∘ g) = (g ∘ f) होता है?

Ans. सामान्यतः नहीं।

Q4. संयोजन की शर्त क्या है?

Ans. f का को-डोमेन = g का डोमेन।

Q5. यदि f(x)=x+2 और g(x)=3x, तो (g ∘ f)(x) ज्ञात कीजिए।

उत्तर: 3x + 6

Q6. पहचान फलन क्या है?

Ans. I(x) = x

Q7. f ∘ I = ?

Ans. f

Q8. प्रतिलोम फलनों का संयोजन क्या देता है?

Ans. पहचान फलन।

Q9. क्या हर दो फलनों का संयोजन संभव है?

Ans. नहीं।

Q10. संयोजन क्यों पढ़ाया जाता है?

Ans. उन्नत गणित की नींव के लिए।

Q11. (f ∘ g)(x) और (g ∘ f)(x) में मुख्य अंतर क्या है?

Ans. क्रम का अंतर।

Q12. f(x)=x², g(x)=x+1, तो (f ∘ g)(x)?

Ans. (x+1)²

Q13. f(x)=1/x, g(x)=x–2, तो (f ∘ g)(x)?

Ans. 1/(x–2)

Q14. वास्तविक जीवन में संयोजन का उदाहरण दीजिए।

Ans. टैक्सी किराया + टैक्स।

Q15. क्या पहचान फलन संयोजन में तटस्थ होता है?

Ans. हाँ।

Q16. क्या संयोजन संघटित (Associative) होता है?

Ans.हाँ।

Q17. क्या संयोजन क्रमसापेक्ष (Commutative) होता है?

Ans. नहीं।

Q18. (f ∘ g ∘ h)(x) का अर्थ क्या है?

Ans. f(g(h(x)))

Q19. संयोजन में सबसे पहले कौन-सा फलन लागू होता है?

Ans. अंदर लिखा हुआ फलन।

Q20. क्या हर फलन का प्रतिलोम होता है?

Ans. नहीं।

Q21. प्रतिलोम फलनों का संयोजन क्या देता है?

Ans. पहचान फलन।

Q22. UP Board परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंक आते हैं?

Ans. लगभग 6–10 अंक।

Q23. संयोजन में सबसे आम गलती क्या है?

Ans. क्रम बदल देना।

Q24. संयोजन किस अध्याय की नींव है?

Ans. Calculus।

Q25. इस अध्याय में सफलता का सर्वोत्तम तरीका क्या है?

Ans. नियमित अभ्यास और चरणबद्ध हल।

🎯 निष्कर्ष (Conclusion)

Composition of Functions (फलनों का संयोजन) अध्याय गणित की तार्किक क्षमता और विश्लेषण शक्ति को मजबूत करता है। यह अध्याय विद्यार्थियों को यह सिखाता है कि जटिल समस्याओं को छोटेछोटे चरणों में कैसे हल किया जाए।

gurugyanam.online का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी को सरल, स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री प्रदान की जाए, जिससे वह आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।

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