Cyclotron आधुनिक भौतिकी (Modern Physics) में Cyclotron (साइक्लोट्रॉन) एक अत्यंत महत्वपूर्ण यंत्र है, जिसका उपयोग आवेशित कणों (Charged Particles) को बहुत अधिक ऊर्जा तक त्वरित (Accelerate) करने के लिए किया जाता है। साइक्लोट्रॉन की सहायता से हम प्रोटॉन, ड्यूटेरॉन, अल्फा कण आदि को बहुत अधिक वेग प्रदान कर सकते हैं और उन्हें नाभिकीय अभिक्रियाओं (Nuclear Reactions) के अध्ययन हेतु प्रयोग कर सकते हैं।
UP Board Class 12 Physics के पाठ्यक्रम में साइक्लोट्रॉन अध्याय विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इससे जुड़े:
- सिद्धांतात्मक प्रश्न
- संख्यात्मक प्रश्न
- यांत्रिक संरचना आधारित प्रश्न
- अनुप्रयोग आधारित प्रश्न
परीक्षा में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
2. Cyclotron क्या है?
Cyclotron एक ऐसा यंत्र है जिसकी सहायता से आवेशित कणों को बार–बार विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र से गुजारकर बहुत अधिक ऊर्जा प्रदान की जाती है।
परिभाषा:
साइक्लोट्रॉन वह यंत्र है जो स्थिर चुंबकीय क्षेत्र एवं परिवर्ती विद्युत क्षेत्र की सहायता से आवेशित कणों को वृत्ताकार पथ में घुमाकर उनकी ऊर्जा को लगातार बढ़ाता है।
3. साइक्लोट्रॉन का इतिहास (Historical Background)
साइक्लोट्रॉन का आविष्कार 1930 में अर्नेस्ट लॉरेंस (Ernest O. Lawrence) ने किया था। इसके लिए उन्हें 1939 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
👉 साइक्लोट्रॉन ने नाभिकीय भौतिकी (Nuclear Physics) में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया।
4. Principle of Cyclotron | साइक्लोट्रॉन का सिद्धांत
साइक्लोट्रॉन का कार्य निम्नलिखित दो मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
(1) आवेशित कण की चुंबकीय क्षेत्र में वृत्तीय गति
जब कोई आवेशित कण वेग v से चुंबकीय क्षेत्र B में लम्बवत प्रवेश करता है, तो उस पर बल:
[
F = qvB
]
यह बल केन्द्राभिमुख बल का कार्य करता है:
[
\frac{mv^2}{r} = qvB
\Rightarrow r = \frac{mv}{qB}
]
(2) साइक्लोट्रॉन आवृत्ति (Cyclotron Frequency)
समय आवर्त:
[
T = \frac{2\pi m}{qB}
]
👉 यह वेग पर निर्भर नहीं करता।
इसी गुण का उपयोग कर परिवर्ती विद्युत क्षेत्र को स्थिर आवृत्ति पर रखा जाता है।
5. Construction of Cyclotron | साइक्लोट्रॉन की संरचना
साइक्लोट्रॉन के मुख्य भाग निम्नलिखित हैं:
(1) Powerful Magnet (शक्तिशाली चुंबक)
- दो ध्रुव – N और S
- इनके बीच समान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न किया जाता है।
(2) Dee Shaped Electrodes (D-आकार की धातु प्लेटें)
- दो अर्धवृत्ताकार खोखली प्लेटें
- इन्हें Dees कहते हैं
- इनके बीच उच्च आवृत्ति का AC वोल्टेज लगाया जाता है
(3) High Frequency AC Oscillator
- यह प्लेटों के बीच परिवर्ती विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है
(4) Vacuum Chamber
- पूरे तंत्र को वायु रहित कक्ष में रखा जाता है
- ताकि कण ऊर्जा न खोएँ
(5) Ion Source (आयन स्रोत)
- यहाँ से आवेशित कण उत्पन्न किए जाते हैं
(6) Deflecting Plate और Target
- कणों को बाहर निकालकर लक्ष्य पदार्थ से टकराया जाता है
6. Working of Cyclotron | साइक्लोट्रॉन की कार्य विधि
साइक्लोट्रॉन का कार्य निम्न चरणों में समझा जा सकता है:
चरण 1: कण का प्रवेश
आयन स्रोत से उत्पन्न प्रोटॉन को Dees के बीच छोड़ा जाता है।
चरण 2: पहला त्वरण
जब कण Dees के बीच के अंतराल में आता है, तो विद्युत क्षेत्र उसे त्वरित करता है।
चरण 3: वृत्तीय गति
Dees के अंदर केवल चुंबकीय क्षेत्र होता है, जिससे कण अर्धवृत्तीय पथ में घूमता है।
चरण 4: बार-बार त्वरण
हर बार अंतराल पार करते समय कण को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है।
👉 इस प्रकार कण की ऊर्जा एवं त्रिज्या दोनों बढ़ती जाती हैं।
चरण 5: बाहर निकलना
जब कण पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त कर लेता है, तब उसे Deflector प्लेट द्वारा बाहर निकाल लिया जाता है।
7. Theory & Derivations | सिद्धांत एवं व्युत्पत्ति
(1) त्रिज्या का व्युत्पादन
[
r = \frac{mv}{qB}
]
👉 जैसे-जैसे v बढ़ता है, r भी बढ़ता जाता है।
(2) समय आवर्त का व्युत्पादन
[
T = \frac{2\pi m}{qB}
]
👉 यह v पर निर्भर नहीं करता, यही साइक्लोट्रॉन का मूल सिद्धांत है।
(3) अधिकतम ऊर्जा
[
E_{max} = \frac{q^2 B^2 R^2}{2m}
]
जहाँ R = Dee की अधिकतम त्रिज्या
8. Limitations of Cyclotron | सीमाएँ
- इलेक्ट्रॉन के लिए उपयुक्त नहीं
- सापेक्षिक प्रभाव (Relativistic Effect)
- न्यूट्रॉन को त्वरित नहीं कर सकता
- बहुत उच्च ऊर्जा सीमा पर कार्य नहीं करता
9. Applications of Cyclotron | उपयोग
(1) Nuclear Physics Research
नाभिकीय अभिक्रियाओं के अध्ययन में
(2) Medical Field
कैंसर उपचार हेतु रेडियोथेरेपी
(3) Radioisotope Production
रेडियोधर्मी समस्थानिक बनाने में
(4) Particle Physics
उच्च ऊर्जा कणों के अध्ययन में
10. Advantages of Cyclotron | लाभ
- उच्च ऊर्जा
- नियंत्रित कण बीम
- वैज्ञानिक अनुसंधान में सहायक
11. Comparison: Cyclotron vs Linear Accelerator
| Cyclotron | Linear Accelerator |
| वृत्तीय गति | सीधी गति |
| कम स्थान | अधिक स्थान |
| कम लागत | अधिक लागत |
12. Numerical Example
प्रश्न:
यदि B = 1T, q = 1.6×10⁻¹⁹ C, m = 1.67×10⁻²⁷ kg, तो T ज्ञात करें।
[
T = \frac{2\pi m}{qB}
]
[
T ≈ 6.5 × 10^{-8} \text{ sec}
]
13. Important Exam Notes
- साइक्लोट्रॉन आवृत्ति वेग से स्वतंत्र
- केवल धनात्मक कणों हेतु
- AC आवृत्ति स्थिर
- चुंबकीय क्षेत्र समान
14. Cyclotron (साइक्लोट्रॉन) FAQs
Q1. साइक्लोट्रॉन क्या है?
Ans. आवेशित कणों को उच्च ऊर्जा देने वाला यंत्र।
Q2. साइक्लोट्रॉन का सिद्धांत क्या है?
Ans. आवेशित कण की चुंबकीय क्षेत्र में वृत्तीय गति।
Q3. साइक्लोट्रॉन का आविष्कार किसने किया?
Ans. अर्नेस्ट लॉरेंस।
Q4. साइक्लोट्रॉन आवृत्ति का सूत्र लिखिए।
Ans. ( \omega = \frac{qB}{m} )
Q5. साइक्लोट्रॉन का समय आवर्त किस पर निर्भर करता है?
Ans. केवल m और B पर।
Q6. साइक्लोट्रॉन में कण का पथ कैसा होता है?
Ans. अर्धवृत्ताकार।
Q7. साइक्लोट्रॉन में AC क्यों प्रयोग किया जाता है?
Ans. बार-बार त्वरण हेतु।
Q8. साइक्लोट्रॉन इलेक्ट्रॉन के लिए उपयुक्त क्यों नहीं?
Ans. सापेक्षिक प्रभाव के कारण।
Q9. साइक्लोट्रॉन का उपयोग कहाँ होता है?
Ans. नाभिकीय भौतिकी व चिकित्सा में।
Q10. साइक्लोट्रॉन में कण की ऊर्जा कैसे बढ़ती है?
Ans. प्रत्येक चक्कर पर विद्युत क्षेत्र से।
Q11. साइक्लोट्रॉन में चुंबकीय क्षेत्र की भूमिका क्या है?
Ans. वृत्तीय गति प्रदान करना।
Q12. साइक्लोट्रॉन में वैक्यूम क्यों आवश्यक है?
Ans. ऊर्जा हानि रोकने हेतु।
Q13. साइक्लोट्रॉन किस प्रकार का कण त्वरक है?
Ans. वृत्तीय त्वरक।
Q14. साइक्लोट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा किस पर निर्भर करती है?
Ans. B और R पर।
Q15. साइक्लोट्रॉन का एक प्रमुख लाभ लिखिए।
Ans. उच्च ऊर्जा प्राप्त करना।
Q16. साइक्लोट्रॉन की एक सीमा लिखिए।
Ans. इलेक्ट्रॉन हेतु अनुपयुक्त।
Q17. साइक्लोट्रॉन में Dee का कार्य क्या है?
Ans. कणों को अर्धवृत्तीय पथ देना।
Q18. साइक्लोट्रॉन में आयन स्रोत का कार्य क्या है?
Ans. आवेशित कण उत्पन्न करना।
Q19. साइक्लोट्रॉन में Deflector का कार्य क्या है?
Ans. कणों को बाहर निकालना।
Q20. साइक्लोट्रॉन किस विज्ञान क्षेत्र में अधिक उपयोगी है?
Ans. नाभिकीय भौतिकी।
Q21. साइक्लोट्रॉन में कण का समय आवर्त क्यों स्थिर रहता है?
Ans. क्योंकि यह वेग से स्वतंत्र है।
Q22. साइक्लोट्रॉन में ऊर्जा वृद्धि का कारण क्या है?
Ans. विद्युत क्षेत्र।
Q23. साइक्लोट्रॉन में कण बार-बार क्यों घूमता है?
Ans. अधिक ऊर्जा प्राप्त करने हेतु।
Q24. साइक्लोट्रॉन में चुंबकीय क्षेत्र क्यों समान रखा जाता है?
Ans. समान वृत्तीय गति हेतु।
Q25. परीक्षा में साइक्लोट्रॉन से किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
Ans. सिद्धांत, सूत्र, संख्यात्मक व उपयोग आधारित।
15. Conclusion | निष्कर्ष
Cyclotron आधुनिक भौतिकी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण यंत्र है, जिसने नाभिकीय अनुसंधान, चिकित्सा विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा प्रदान की है। इसका गहन अध्ययन Class 12 Physics परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
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