Catalysis (उत्प्रेरण) – Class 12 Chemistry

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Catalysis (उत्प्रेरण)  देखते हैं कि कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ बहुत तेज़ होती हैं, जबकि कुछ अत्यंत धीमी। उदाहरण के लिए, गैस का जलना बहुत तेज़ प्रक्रिया है, जबकि लोहे पर जंग लगना एक बहुत धीमी प्रक्रिया है। लेकिन यदि हम किसी धीमी अभिक्रिया में कुछ विशेष पदार्थ मिला दें, तो वही अभिक्रिया बहुत तेज़ हो सकती है। ऐसे पदार्थों को उत्प्रेरक (Catalyst) कहते हैं और इस प्रक्रिया को उत्प्रेरण (Catalysis) कहा जाता है।

उत्प्रेरण रसायन विज्ञान की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उपयोग उद्योग, चिकित्सा, कृषि, पर्यावरण विज्ञान और जैव-रसायन (Biochemistry) में व्यापक रूप से किया जाता है। आधुनिक रासायनिक उद्योग का आधार ही उत्प्रेरण पर टिका हुआ है।


2. Catalysis की परिभाषा (Definition of Catalysis)

जब कोई पदार्थ स्वयं उपभोग हुए बिना किसी रासायनिक अभिक्रिया की दर को बढ़ा देता है या घटा देता है, तो उस पदार्थ को उत्प्रेरक (Catalyst) तथा इस प्रक्रिया को उत्प्रेरण (Catalysis) कहते हैं।

सरल शब्दों में:
जो पदार्थ अभिक्रिया को तेज़ या धीमा कर दे और स्वयं अंत में अपरिवर्तित रहे, वह उत्प्रेरक कहलाता है।

उदाहरण:

  • MnO₂ की उपस्थिति में KClO₃ का तीव्र अपघटन
  • आयरन उत्प्रेरक की सहायता से अमोनिया का निर्माण (Haber प्रक्रिया)

3. उत्प्रेरक की मुख्य विशेषताएँ (Characteristics of Catalyst)

  1. उत्प्रेरक स्वयं उपभोग नहीं होता।
  2. बहुत कम मात्रा में भी प्रभावी होता है।
  3. अभिक्रिया की दर बदलता है, लेकिन संतुलन अवस्था नहीं बदलता।
  4. विशिष्ट प्रकृति का होता है।
  5. अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।

4. Catalysis का सिद्धांत (Theory of Catalysis)

उत्प्रेरण की क्रिया मुख्यतः Activation Energy (सक्रियण ऊर्जा) को कम करने के सिद्धांत पर आधारित है। उत्प्रेरक अभिक्रिया के लिए एक वैकल्पिक मार्ग (Alternate Pathway) प्रदान करता है, जिसमें कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

इस प्रकार, अधिक अणु सक्रियण ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं और अभिक्रिया की दर तेज़ हो जाती है।


5. उत्प्रेरण की क्रियाविधि (Mechanism of Catalysis)

(a) विषमांगी उत्प्रेरण में क्रियाविधि

  1. अभिकारकों का उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषण
  2. सतह पर अभिक्रिया
  3. उत्पादों का विसर्जन (Desorption)

(b) समांगी उत्प्रेरण में क्रियाविधि

उत्प्रेरक और अभिकारक एक ही अवस्था में होते हैं और मध्यवर्ती यौगिक बनाकर अभिक्रिया को तेज़ करते हैं।


6. उत्प्रेरण के प्रकार (Types of Catalysis)

(1) समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis)

जिसमें उत्प्रेरक और अभिकारक एक ही अवस्था (ठोस, द्रव या गैस) में होते हैं।

उदाहरण:

H₂SO₄ की उपस्थिति में एस्टरीकरण अभिक्रिया


(2) विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous Catalysis)

जिसमें उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न अवस्थाओं में होते हैं।

उदाहरण:

Haber प्रक्रिया में ठोस आयरन उत्प्रेरक और गैसीय अभिकारक


(3) एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme Catalysis)

जैविक उत्प्रेरकों (एंजाइमों) द्वारा होने वाला उत्प्रेरण।

उदाहरण:

एमाइलेज द्वारा स्टार्च का अपघटन


(4) धनात्मक उत्प्रेरण (Positive Catalysis)

जो अभिक्रिया की दर बढ़ाता है।

उदाहरण:

MnO₂ द्वारा KClO₃ का अपघटन


(5) ऋणात्मक उत्प्रेरण (Negative Catalysis / Inhibition)

जो अभिक्रिया की दर घटाता है।

उदाहरण:

ग्लिसरीन द्वारा H₂O₂ का अपघटन धीमा करना


(6) स्व-उत्प्रेरण (Autocatalysis)

जब अभिक्रिया का कोई उत्पाद स्वयं उत्प्रेरक का कार्य करता है।


7. एंजाइम उत्प्रेरण का विस्तृत अध्ययन (Enzyme Catalysis)

एंजाइम जैविक उत्प्रेरक होते हैं, जो जीवों की कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

विशेषताएँ:

  • अत्यंत विशिष्ट
  • उच्च दक्षता
  • तापमान व pH के प्रति संवेदनशील

उदाहरण:

  • पाचन में पेप्सिन, ट्रिप्सिन
  • किण्वन में ज़ाइमेज

8. औद्योगिक महत्व (Industrial Importance of Catalysis)

  1. Haber प्रक्रिया – अमोनिया निर्माण
  2. Contact प्रक्रिया – सल्फ्यूरिक अम्ल निर्माण
  3. Ostwald प्रक्रिया – नाइट्रिक अम्ल निर्माण
  4. पेट्रोलियम शोधन
  5. पॉलिमर निर्माण

9. दैनिक जीवन में उत्प्रेरण का महत्व

  • भोजन पाचन (एंजाइम)
  • दवा निर्माण
  • ईंधन दहन
  • प्रदूषण नियंत्रण (कैटेलिटिक कन्वर्टर)

10. पर्यावरण संरक्षण में उत्प्रेरण

वाहनों में लगे कैटेलिटिक कन्वर्टर विषैली गैसों (CO, NOx) को कम हानिकारक गैसों (CO₂, N₂) में बदल देते हैं।


11. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु – gurugyanam.online

  • Catalyst → Ea ↓ → Rate ↑
  • बहुत कम मात्रा प्रभावी
  • संतुलन नहीं बदलता
  • Enzymes = जैव उत्प्रेरक

Catalysis (Class 12 Chemistry)

Q1. Catalysis क्या है?
Ans. अभिक्रिया की दर बदलने की प्रक्रिया।

Q2. Catalyst क्या है?
Ans. दर बदलने वाला पदार्थ।

Q3. Catalyst स्वयं खर्च होता है?
Ans. नहीं।

Q4. Catalyst का मुख्य कार्य?
Ans. Activation energy कम करना।

Q5. Homogeneous catalysis क्या है?
Ans. एक ही अवस्था में उत्प्रेरण।

Q6. Heterogeneous catalysis क्या है?
Ans. भिन्न अवस्थाओं में उत्प्रेरण।

Q7. Enzyme क्या है?
Ans. जैव उत्प्रेरक।

Q8. Enzyme का उदाहरण?
Ans. एमाइलेज।

Q9. Positive catalysis क्या है?
Ans. दर बढ़ाना।

Q10. Negative catalysis क्या है?
Ans. दर घटाना।

Q11. Autocatalysis क्या है?
Ans. उत्पाद द्वारा उत्प्रेरण।

Q12. Haber प्रक्रिया में उत्प्रेरक?
Ans. आयरन।

Q13. Contact प्रक्रिया में उत्प्रेरक?
Ans. V₂O₅।

Q14. Ostwald प्रक्रिया में उत्प्रेरक?
Ans. प्लैटिनम।

Q15. Catalyst संतुलन बदलता है?
Ans. नहीं।

Q16. Catalyst की मात्रा?
Ans. बहुत कम।

Q17. Enzyme किस पर निर्भर?
Ans. तापमान व pH।

Q18. कैटेलिटिक कन्वर्टर का कार्य?
Ans. प्रदूषण नियंत्रण।

Q19. Catalysis का औद्योगिक महत्व?
Ans. उत्पादन वृद्धि।

Q20. Catalysis का दैनिक उपयोग?
Ans. पाचन।

Q21. Inhibitor क्या है?
Ans. ऋणात्मक उत्प्रेरक।

Q22. Catalyst का पुनः उपयोग?
Ans. हाँ।

Q23. Catalysis क्यों पढ़ते हैं?
Ans. दर नियंत्रण हेतु।

Q24. परीक्षा में इसका महत्व?
Ans. सिद्धांत + अनुप्रयोग।

Q25. तैयारी कैसे करें?
Ans. टेबल + उदाहरण + डायग्राम।


निष्कर्ष (Conclusion)

Catalysis (उत्प्रेरण) रसायन विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक विषय है। आधुनिक उद्योग, चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण और जैविक प्रक्रियाएँ सभी उत्प्रेरण पर आधारित हैं। इस अध्याय की सही समझ से विद्यार्थी रसायन विज्ञान के सिद्धांतों को वास्तविक जीवन से जोड़ पाते हैं।

Class 12 UP Board के विद्यार्थियों के लिए यह अध्याय अत्यंत अंकदायी है और gurugyanam.online पर उपलब्ध यह उनकी पूर्ण परीक्षा तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

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