UP Board class 12 physics syllabus 2025-26
- प्रायोगिक परीक्षा: 30 अंक
- कुल अंक: 100
- समय: 3 घंटे (थ्योरी)
📘 खंड–क : विद्युत एवं चुंबकत्व | 35 अंक
🔹 इकाई 1: स्थिर विद्युतिकी (08 अंक)
- विद्युत आवेश एवं संरक्षण
- कूलॉम का नियम
- विद्युत क्षेत्र एवं क्षेत्र रेखाएँ
- गाउस का नियम एवं अनुप्रयोग
- विद्युत विभव, विभवांतर
- धारिता एवं संधारित्र
- स्थिर विद्युत ऊर्जा
🔹 इकाई 2: धारा विद्युत (07 अंक)
- विद्युत धारा एवं ड्रिफ्ट वेग
- ओम का नियम
- V–I ग्राफ
- प्रतिरोध एवं प्रतिरोधकता
- किर्चहॉफ के नियम
- व्हीटस्टोन सेतु
🔹 इकाई 3: धारा का चुंबकीय प्रभाव एवं चुंबकत्व (08 अंक)
- बायोट-सावार्ट नियम
- एम्पियर का परिपथ नियम
- धारा वहन करने वाले चालक पर बल
- गतिशील आवेश पर बल
- चुंबकीय द्विध्रुव
- गैल्वेनोमीटर, अमीटर, वोल्टमीटर
🔹 इकाई 4: वैद्युत चुंबकीय प्रेरण एवं प्रत्यावर्ती धारा (08 अंक)
- फैराडे के नियम
- लेन्ज का नियम
- स्वप्रेरण एवं पारस्परिक प्रेरण
- प्रत्यावर्ती धारा (AC)
- LCR परिपथ
- ट्रांसफॉर्मर
🔹 इकाई 5: वैद्युत चुंबकीय तरंगें (04 अंक)
- विस्थापन धारा
- विद्युत चुंबकीय तरंगें
- विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम
- EM तरंगों के उपयोग
📗 खंड–ख : प्रकाशिकी एवं आधुनिक भौतिकी | 35 अंक
🔹 इकाई 6: प्रकाशिकी (13 अंक)
- परावर्तन एवं अपवर्तन
- दर्पण एवं लेंस
- पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- प्रिज़्म
- तरंग प्रकाशिकी
- हाइजेंस सिद्धांत
- यंग का द्वि-छिद्र प्रयोग
- ध्रुवण
🔹 इकाई 7: द्रव्य एवं विकिरण की द्वैत प्रकृति (06 अंक)
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव
- आइंस्टीन समीकरण
- डी-ब्रॉग्ली तरंगें
🔹 इकाई 8: परमाणु एवं नाभिक (08 अंक)
- रदरफोर्ड एवं बोहर मॉडल
- हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम
- नाभिकीय संरचना
- रेडियोधर्मिता
- नाभिकीय विखंडन एवं संलयन
🔹 इकाई 9: इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ (08 अंक – गुणात्मक)
- ऊर्जा बैंड
- p-n जंक्शन डायोड
- डायोड की विशेषताएँ
- Zener डायोड
- ट्रांजिस्टर (Basic idea)
🔬 प्रायोगिक परीक्षा (Practical) – 30 अंक
✔ दो प्रयोग (खंड–क व खंड–ख से) – 10 अंक
✔ प्रयोग आधारित मौखिक परीक्षा – 5 अंक
✔ प्रायोगिक रिकॉर्ड – 4 अंक
✔ प्रोजेक्ट कार्य + Viva – 8 अंक
✔ सत्रीय कार्य – 3 अंक
(प्रायोगिक सूची एवं मूल्यांकन योजना पृष्ठ 2–3 में दी गई है)
🌐 निष्कर्ष (Conclusion)
UP Board class 12 physics syllabus 2025-26 विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान की गहरी समझ देता है और उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत नींव रखता है। नियमित अभ्यास और सही रणनीति से छात्र उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।










